कुंडली दोष निवारण पूजा सम्पूर्ण विधि विधान से ... Description Of the Nav Grah Pujan

अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि ‘समय से पहले और भाग्य से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता’ ज्योतिषशास्त्र भी मानता है कि ग्रहों की दशा, ग्रहों की चाल का प्रभाव जातक पर पड़ता है। जातक की जन्मतिथि, जन्म स्थान एवं जन्म के समयानुसार उसकी कुंडली बनती है जिसमें 9 ग्रहों की दशा का विवरण होता है और उसी के अनुसार यह अनुमान लगाया जाता है कि जातक का भविष्य कैसा रहेगा। यदि जातक की कुंडली में किसी प्रकार का ग्रह दोष होता है तो वह उसे प्रभावित करता है। हमारे सौरमंडल में 9 ग्रह यानि सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु व केतु माने गये हैं हालांकि राहु व केतु को विज्ञान के अनुसार ग्रह नहीं माना जाता लेकिन ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ये बहुत ही प्रभावशाली ग्रह हैं इन्हें छाया ग्रह की संज्ञा भी दी जाती है। इन सभी ग्रहों के गुणों का समावेश प्रत्येक जातक में मिलता है। यदि किसी जातक का कोई ग्रह कमजोर हो या दशा अनुसार उनका विपरीत प्रभाव जातक पर पड़ रहा हो तो उन्हें शांत करने के उपाय भी ज्योतिषशास्त्र देता है| जातक की कुंडली में गृह दोष उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक सभी प्रकार से कष्ट देते है , किसी व्यक्ति की कुंडली उसके जीवन का आइना होता है। जन्म के वक्त ग्रहों की स्थिति और दशा के आधार पर ही कुंडली का निर्माण होता है। अंगारक योग, चांडाल योग, विष योग, वैधव्‍य योग, अल्‍पायु योग, ग्रहण योग, दारिद्र्य योग, मांगलिक दोष, आदि कुछ ऐसे योग हैं जो जीवन में दुख के कारण बनते हैं। जन्‍म कुंडली में 2 या इससे अधिक ग्रहों के मेल से योग का निर्माण होता है। घातक योग का पता चलते ही यथा शीघ्र उनका निवारण कर लेना चाहिए, ताकि अनिष्ट को टाला जा सके।

उद्देश्य ..

ज्योतिष की मानें तो हर कोई किसी न किसी ग्रह दोष से ग्रस्त रहता है. कई बार उसे पता नहीं चलता कि किस वजह से उसकी जिंदगी में तूफान थमने का नाम नहीं ले रही. किस वजह से जीना मुहाल हो रहा है. ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण जीवन में अनेक तरह की समस्‍याएं आती हैं। ग्रहों का प्रकोप इतना खतरनाक होता है कि कोई व्‍यक्‍ति अपने ही हाथों से खुद को बर्बाद कर लेता है। ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण आपका जीवन नर्क बन सकता है, कोई भी ग्रह अशुभ स्‍थान में बैठा हो तो वह व्‍यक्‍ति के जीवन में विपरीत परिस्थितियां पैदा करता है। जिस कारण व्‍यक्‍ति का आत्‍मबल टूटने लगता है और उसका जीवन तनाव और चिंताओं से घिर जाता है, नवग्रहों यानि नौ ग्रहों को शांत करने के लिए ग्रह पूजन करके दोष निवारण करना ही एकमात्र समाधान है।

कुंडली दोष निवारण पूजन की विधि एवं लाभ -...

नवग्रह-पूजन के लिए सबसे पहले ग्रहों का आह्वान किया जाता है। उसके बाद उनकी स्थापना की जाती है। फिर बाएँ हाथ में अक्षत लेकर मंत्रोच्चारण करते हुए दाएँ हाथ से अक्षत अर्पित करते हुए ग्रहों का आह्वान किया जाता है। इस प्रकार सभी ग्रहों का आह्वान करके उनकी स्थापना की जाती है। इसके उपरांत हाथ में अक्षत लकेर मंत्र उच्चारित करते हुए नवग्रह मंडल में प्रतिष्ठा के लिये अर्पित करें। अब मंत्रोच्चारण करते हुए नवग्रहों की पूजा करें। ध्यान रहे पूजा विधि किसी विद्वान ब्राह्मण से ही संपन्न करवायें,क्यूंकि ग्रह शांति की पाठ-पूजा का विधान काफी लम्बा है, पूजा नवग्रह मंदिर में भी की जा सकती है।

नवग्रह पूजन से कोई एक ग्रह नहीं बल्कि पूरे नौ ग्रह प्रसन्‍न होते हैं और आपको एकसाथ नौ ग्रहों की कृपा प्राप्‍त होती है। अगर आपकी कुंडली में कोई ग्रह नीच या अशुभ स्‍थान में होकर बुरा प्रभाव डाल रहा है और इसके कारण आपके जीवन में अनेक कठिनाईयां आ रहीं है तो आपको नवग्रह पूजन अवश्‍य करवाना चाहिए। नवग्रह पूजन की सबसे खास बात यही है कि इसे कोई भी करवा सकता है। इस पूजन से आपकी कुंडली के सभी दोष शांत होते हैं। सुख-समृद्धि और मान-सम्‍मान की प्राप्‍ति के लिए आप ग्रह पूजन कराकर दोष निवारण कर सकते हैं।

Time And Other Puja Rituals Details Find below Muhurat and Work Place Details

यदि आप ज्योतिष शास्त्र पर विश्वास करते है और जीवन में परेशानियों का सामना कर रहे है तो आज ही किसी ज्योतिष से अपनी लग्न कुंडली दिखाए व अपने गृह दोषों के बारे में पता लगाकर समय रहते उनका निवारण करें | ग्रहों के अनुसार मंत्र आपके गृह दोषों को शांत करने में आपकी सहायता करते है जिससे आपके जीवन में आने वाली परेशानियाँ स्वतः ही कम होने लग जाती है, कुंडली दोष निवारण पाठ-पूजा का विधान काफी लम्बा है इसलिए किसी विद्वान् पंडित द्वारा ही नवग्रह पूजा संपन्न की जानी चाहिए, यदि आप भी नवग्रह शांति पूजन करना चाहते है तो आप हमसे संपर्क कर सकते है, हमारे पास भारत के प्रसिद्द एक्सपर्ट्स की टीम है जो आपके इस काम को पूरी तरह से कर सकते है..!!


Auspicious Day Puja Time Venue
Muhurat Based Morning Time (Avoid Rahukal) Any Spiritual Place

Book A Pandit Now Fill the Below Form

To know more about the Kundli Dosh Nivaran puja and its muhurat, feel free to call our pandits as they can help you find the auspicious time and dates as per your convenience and suitability, Fill the below form and feel free to contact us :